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Himanshu Nirbhay


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प्रेम-कथाएँ

Posted On: 15 Feb, 2014  
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Junction Forum Others social issues मस्ती मालगाड़ी में

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अधोगमन

Posted On: 16 Nov, 2013  
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Junction Forum Others social issues कविता में

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बूड़ी खाल

Posted On: 2 Jun, 2013  
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Others मस्ती मालगाड़ी लोकल टिकेट में

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ठंडी बयार

Posted On: 2 Jun, 2013  
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Others मस्ती मालगाड़ी लोकल टिकेट में

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आदरणीय पीताम्बर सर, प्रतिक्रिया के लिए धन्यबाद... ये मेरी व्यक्तिगत सोच है, मेरे व्यक्तिगत विचार| आप मेरे बुजुर्ग है अत: आपके मार्गदर्शन रुपी प्रतिक्रिया को अन्यथा लेने का दुस्साहस निर्भय होने के बाबजूद मैं नहीं कर सकता... आपकी बात से सहमत हूँ..शायद मैं अपनी बात बेबाकी से रखने के बाबजूद उसका अर्थ समझा न सका .. मैंने स्पस्ट किया है की " यह क्रीम एक टूल है टूल की ही भांति प्रयुक्त की जानी चाहिए" दूसरी और मैंने कहा है की हमारे समाज मैं कंडोम तथा पुरुषों के लिए उत्तजना बढाने वाली दवाएं वर्षों से बाज़ार मैं खुले आम बिक रही हैं| इन पर कभी कोई मुखर या गंभीर नहीं हुआ...रोक तो इन पर भी होनी चाहिए... अंत मैं आपको प्रणाम करते हुए मैं अपनी सोच पर कायम हूँ...अगर अप्प इसे ध्रष्टता समझे तो बालक होने के नाते क्षमा प्रार्थी हूँ...

के द्वारा: Himanshu Nirbhay Himanshu Nirbhay




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